उत्तर प्रदेश विधान परिषद की ‘विनियमन समीक्षा समिति’ द्वारा बिजनौर में समीक्षा बैठक आयोजित

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संदीप उपाध्याय ब्यूरो चीफ बिजनौर

 

बिजनौर 10 अप्रैल उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति के माननीय सभापति श्री अश्विनी त्यागी के सभापतित्व में आज दोपहर 12:00 बजे कलेक्ट्रेट सभागार, बिजनौर में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में ज़िले के विकास कार्यों, लंबित प्रकरणों और सरकारी विनियमावलियों के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई।
मा. सभापति श्री त्यागी ने जिला आबकारी अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता जल निगम द्वारा बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने और अपने स्थान पर अपने अधीनस्थ अधिकारी को माननीय समिति की बैठक में प्रतिभाग करने के प्रति कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए उनके ख़िलाफ़ शासन को लिखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों के अंतर्गत प्रचलित नियमों और उपनियमों की व्यवहारिकता की जांच करना, जनहित में उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना तथा नियमों का क्रियान्वयन सुनिश्चित कराते हुए आमजन को सुविधा प्रदान कराना है और विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग एवं संवेदनशील बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग से संबंधित प्रकरणों के बारे पूछे जाने वाले प्रश्नों का स्पष्ट और प्रमाणित रूप से उत्तर उपलब्ध कराएं। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित नियमों और विनियमों के पालन की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कोई भी प्रकरण लंबित न रहे और निर्धारित समय अवधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ उनका निराकरण करना सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध जनों को शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत रूप से आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित करें तथा जिले में कोई भी टीबी का मरीज किसी भी अवस्था में बिना पोटली प्राप्त किया नहीं रहना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की संख्या के सापेक्ष पोटली पोषित करने वाले अधिकारियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थान की सूची उपलब्ध कराएं। उन्होंने जिलाधिकारी एवं डीएफओ बिजनौर को निर्देशित किया कि अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सुविधा बढ़ाने और उत्तराखंड स्थित जिम कार्बेट के 7 किलोमीटर क्षेत्र को आय का स्रोत बनाने के लिए कार्य योजना बनाएं। बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी अपेक्षित सुधार लाएं तथा बेसिक शिक्षा क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करें और जिन अध्यापकों के द्वारा अपने कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है उनका स्पष्टीकरण तलब करें। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक से समन्वय स्थापित करते हुए सभी पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि जिला विद्युत समिति की बैठक नियमित त्रैमासिक रूप से आयोजित करें और वहां प्राप्त होने वाली शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
बैठक को संबोधित करते हुए माननीय सभापति श्री अश्विनी त्यागी ने कहा:
“अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। नियम और विनियम जनहित को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, अतः यह सुनिश्चित किया जाए कि इनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे निर्देशित किया कि अधिकारी फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न करें और नियम प्रक्रिया के तहत त्वरित निर्णय लें ताकि विकास की गति बनी रहे।
बैठक के दौरान वर्ष 2024 से अब तक विधान मंडल के सदस्यों से प्राप्त पत्रों एवं विकास कार्यों से संबन्धित प्रस्तावों/मामलों, विभिन्न विभागों द्वारा जनप्रतिनिधियों के पत्राचार के निस्तारण की स्थिति, शासकीय कार्यक्रमों में प्रोटोकाल अनुपालन, जनप्रतिनिधि रजिस्टर की उपलब्धता तथा प्रोटोकाल उल्लंघन से संबंधित मामलों तथा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं जिला स्तर पर आयोजित प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों व योजनाओं के विवरण की समीक्षा की गई तथा बैठक में प्रमुखता से वर्ष 2024 से अब तक विधान मण्डल के सदस्यों से प्राप्त पत्रों का विवरण व उन पर की गई कार्रवाई का विवरण मांगा गया। मा. सभापति ने अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। समिति द्वारा मांगी जाने वाली सूचनाओं को निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में मानव सम्पदा पोर्टल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने की स्थिति तथा भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए जनहित से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण प्राथमिकता पर किए जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मा. सभापति को अब तक की गई कार्रवाइयों के बारे में जानकारी दी गई तथा अंत में समिति को आश्वस्त किया कि माननीय सभापति द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी विसंगतियों को दूर कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर श्री मानवेंद्र सिंह माननीय सदस्य विधान परिषद, श्री पवन कुमार सिंह माननीय सदस्य विधान परिषद, श्री वीरेंद्र सिंह माननीय सदस्य विधान परिषद, श्री अरुण प्रकाश शर्मा अनु सचिव, श्री मयंक यादव समीक्षा अधिकार, श्री आशीष सिंह प्रतिवेदक, श्री अभिनव तिवारी सहायक समीक्षा अधिकारी, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वान्या सिंह, प्रशासन अंशिका दीक्षित, अपर पुलिस अधीक्षक नगर व ग्रामीण सहित, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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