विराज प्रोफ़ाइल द्वारा नई परियोजना पर ग्रामीण विकास हेतु अनेक उपक्रम का लक्ष्य

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अरुण उपाध्याय लखनऊ सुपरफास्ट

“रोजगार एवं ग्राम विकास की संकल्पना लिए विराज प्रोफ़ाइल ने मान ग्राम पंचायत में नए प्लांट की शुरुआत करने की बनाई योजना, प्रेसवार्ता के माध्यम से समूह के अधिकारियों ने पत्रकारों को अग्रिम योजनाओं की सूचना जारी की”

विराज प्रोफाइल्स प्रा. लि.द्वारा प्रेस वार्ता में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी जे पी गर्ग, सुनील कस्तूरे सहित सलाहकार दीपक भावे द्वारा पत्रकारों को दी गई सूचना में विराज प्रोफाइल्स प्रा. लि. ने स्टेनलेस स्टील HRAP/CRAP शीट्स, प्लेट्स एवं कॉइल्स उत्पादों के नियमितीकरण एवं विस्तार हेतु परियोजना ग्राम मान तथा ग्राम वरांगड़े, तहसील एवं जिला पालघर, महाराष्ट्र में प्रस्तावित है। उपरोक्त प्रस्ताव के संबंध में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) द्वारा सार्वजनिक सुनवाई का आयोजन प्रस्तावित परियोजना स्थल, एसआरएम प्लांट, ग्राम मान, जिला पालघर में दिनांक 8 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे किया गया है। विराज प्रोफाइल्स प्रा. लि. स्वच्छ, सतत एवं निरंतर बेहतर होते पर्यावरणीय प्रदर्शन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त करता है, जो उसके व्यावसायिक दर्शन और मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना विकास एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में CSR पहल के माध्यम से विराज प्रोफाइल्स प्रा. लि. अपने आसपास के क्षेत्रों के साथ मिलकर आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। वर्तमान में लगभग 13,000 कर्मचारी विराज के साथ कार्यरत हैं, जो अपने परिवारों के साथ बोइसर में निवास करते हैं। पिछले 30 वर्षों से विराज ने बोइसर के आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है। प्रस्तावित परियोजना 5000 से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने की अपेक्षा रखती है। आत्मनिर्भर सामुदायिक विकास के मिशन को आगे बढ़ाने तथा स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने और गांवों के आर्थिक विकास के लिए, विराज 7 प्रमुख प्राथमिकताओं पर कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य एवं स्वच्छता – आसपास के गांवों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, एंबुलेंस सेवा तथा महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान।
महिला सशक्तिकरण – महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने हेतु विशेष प्रशिक्षण, लघु उद्योग शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता तथा बाजार उपलब्ध कराना। शिक्षा – जिला परिषद स्कूलों का नवीनीकरण, उन्नयन, डिजिटल शिक्षण साधनों की उपलब्धता और शिक्षा स्तर में सुधार। आधारभूत संरचना विकास – सुरक्षित पेयजल, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट्स, सड़क विकास आदि सुविधाएं उपलब्ध कराना।
कौशल विकास केंद्र – स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित कर रोजगार के अवसर बढ़ाना तथा स्वयं का व्यवसाय शुरू करने हेतु प्रोत्साहन।
मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति – कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के लिए छात्रवृत्ति। पर्यावरण एवं स्थिरता – वर्ष 2030 तक ‘near zero’ और उसके बाद ‘net zero’ लक्ष्य प्राप्त करने का उद्देश्य। सौर एवं पवन ऊर्जा का उपयोग, आधुनिक वायु एवं जल शोधन सुविधाएं, हरित पट्टी विकास एवं जनजागरूकता पर विशेष ध्यान।

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