लखनऊ सुपरफास्ट ब्यूरो राकेश चौधरी
बस्ती। जनपद बस्ती में इन दिनों पान मसाला, गुटका और सिगरेट के शौकीनों की जेब पर तगड़ी चपत लग रही है। बाजार में इन वस्तुओं की कीमतों में अचानक हुई बेतहाशा वृद्धि से आम उपभोक्ता परेशान हैं। आरोप है कि दुकानदार प्रिंट रेट को दरकिनार कर मनमाने दामों पर बिक्री कर रहे हैं, जिसे लेकर आए दिन ग्राहकों और दुकानदारों के बीच तीखी नोकझोंक हो रही है।
बाजार के जानकारों की मानें तो जिले में सामान की कोई कमी नहीं है। गोदाम भरे हुए हैं, लेकिन मुनाफाखोरी के चक्कर में कुछ सिंडिकेट जानबूझकर शॉर्टेज की अफवाह फैला रहे हैं। फुटकर विक्रेता राजन, दुर्गेश कुमार, दिनेश कुमार और राजू चौधरी का तर्क है कि उन्हें थोक मंडियों से ही माल ऊंचे दामों पर मिल रहा है। बिहारी लाल और अर्जुन चौधरी जैसे छोटे दुकानदारों का कहना है कि पीछे से महंगी खरीद के कारण वे विवश होकर ग्राहकों से अतिरिक्त पैसे ले रहे हैं।
वहीं, उपभोक्ताओं का दर्द कुछ और ही है। संजीव पांडे और बादल सिंह ने बताया कि यदि कोई ग्राहक पैकेट पर छपे मूल्य का हवाला देकर विरोध करता है, तो दुकानदार सीधे तौर पर सामान देने से मना कर देते हैं। वीरेंद्र चौधरी, नवरत्न सिंह, सहित अन्य स्थानीय निवासियों का कहना है कि खुलेआम हो रही इस लूट से मध्यम और निम्न वर्ग के लोग ठगा महसूस कर रहे हैं।क्षेत्र के नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से बाजारों में औचक निरीक्षण की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन कालाबाजारी करने वालों पर लगाम नहीं कसी गई, तो इनके हौसले और बुलंद होंगे। उपभोक्ताओं ने कहा है कि प्रशासन को तत्काल प्रवर्तन दल गठित कर छापेमारी करनी चाहिए ताकि आम जनता को इस आर्थिक शोषण से निजात मिल सके।
