लखीमपुर खीरी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर मोहम्मदी विधानसभा के मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर अब बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए परिवारों की नई पहचान होगी।
सीएम योगी ने मियांपुर में 331 बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे। इससे पहले पलिया में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने थारू जनजाति के 4356 परिवारों को 5358 हेक्टेयर और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के 2350 आश्रित परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने 1311 करोड़ रुपये की 538 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास भी किया। इसमें 356 करोड़ की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, “विभाजन का दंश हिंदू, सिख, जैन और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों ने झेला। बांग्लादेश से आए परिवारों को दशकों बाद न्याय मिला है। पिछली सरकारों ने इन्हें बसाया तो, लेकिन मालिकाना हक नहीं दिया। अब डबल इंजन की सरकार ने इन्हें जमीन का अधिकार देकर इनके सपनों को आकार दिया है।”
उन्होंने मियांपुर का नाम बदलने पर कहा, “गांव में एक भी मियां नहीं, फिर भी नाम मियांपुर था। अब यह रविंद्रनगर कहलाएगा।”
पलिया में थारू समाज को संबोधित करते हुए सीएम ने स्थानीय विधायक रोमी साहनी के बेकरी उद्योग की सराहना की और थारू युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार में थारू समाज पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वन, पुलिस या राजस्व विभाग का कोई भी अधिकारी इन परिवारों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकेगा। उन्होंने पिछली सरकारों पर विकास कार्यों को सीमित रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब 25 करोड़ जनता के लिए योजनाएं बन रही हैं।
