ब्यूरो उमेश शुक्ला
उन्नाव शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस नेतृत्व पर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के विरोध में शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित प्रदर्शन को पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में पुतला दहन के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पुतला छीन लिया और प्रदर्शन नहीं होने दिया।
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से जुलूस निकालकर असम मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने जा रहे थे। जैसे ही कार्यकर्ता कार्यालय गेट से बाहर निकले, पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं के हाथ से पुतला छीन लिया और उन्हें कार्यालय परिसर के भीतर ही रहने को कहा।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाया कि असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के खिलाफ अमर्यादित एवं अनर्गल टिप्पणी की है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को रोकना प्रशासन की दमनात्मक कार्रवाई है।

कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रहा है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार सुबह से ही जिला कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिससे कार्यकर्ताओं को एकत्र होने में कठिनाई हुई। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष की आवाज को इसी तरह दबाया जाता रहा तो पार्टी व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।