नियमों को ताख पर रख जशनपुर में हो रहा मनरेगा के धन का बंदरबांट, जिम्मेदार अधिकारी मौन, कार्यवाही शून्य

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कार्यस्थल पर न कहीं चूना और न ही तकनीकी सहायक की मौजूदगी में अपलोड हो रही मजदूरों की हाजरी

धृतराष्ट्र की भूमिका निभा रहे विकास खंड कांट के अधिकारी

आनंद अवस्थी संवाददाता कांट।

कांट विकास खंड की ग्राम पंचायत जशनपुर में मनरेगा योजना के धन का जमकर बँटरबाट हो रहा है। ग्राम पंचायत जशनपुर में जशुआ तालाब से रमापुर पुलिया तक नाले की सफाई कार्य होना दशार्या जा रहा है। इस कार्य में 10 मस्ट रोल दर्शाकर 66 मनरेगा मजदूरों की हाजिरी मनरेगा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है।

जब कार्य के संबंध में गांव के ग्रामीणों से जानकारी की गई तो उन्होंने किसी भी कार्य के होने से साफ-साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधान व पंचायत मित्र हंसमुखी सुबह को अपने साथ कई लोगों को साथ ले कर आते हैं और फोटो खींचने के बाद वापस लौट जाते हैं। उन्होंने कहा प्रधान व पंचायत मित्र हंसमुखी द्वारा फर्जीबाड़ा कर मनरेगा योजना पर लगातार डांका डालने का कार्य किया जा रहा है। जब हकीकत में मौके पर जाकर देखा गया तो दर्शाये गए कार्यस्थल पर न कहीं चूना और न कोई मजदूर कार्य करता हुआ नजर आया। सबसे आश्चर्य जनक बात ये है कि ग्रामीणों के अनुसार जब धरातल 8-10 मजदूरों द्वारा ही कार्य ही हो रहा है तो फिर मनरेगा पोर्टल पर 66 मजदूरों की हाजिरी अपलोड क्यों की जा रही है।

न कहीं चूना और न ही तकनीकी सहायक की मौजूदगी में अपलोड हो रही मजदूरों की हाजरी

मनरेगा योजना के नये नियमानुसार कार्य स्थल पर प्रतिदिन चूना डलवाकर तकनीकी सहायक की मौजूदगी में मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूरों की हाजिरी अपलोड होनी चाहिए लेकिन न ही कहीं चूना डलवाया जा रहा है और न ही कभी तकनीकी सहायक कार्य स्थल पर मौजूद होता है। ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा में रहे भ्रष्टाचार को लेकर कई बार विकास खंड के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचारियो पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे मनरेगा योजना में हो रहे भ्रष्टाचार में विकास खंड के अधिकारियों की प्रधानों से मिलीभगत स्पष्ट दिखाई देती है।

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