भव्य पथ संचलन में 750 से अधिक स्वयंसेवकों की सहभागिता
क्राइम ब्यूरो मांतेश्वरी सिंह
स्थान-स्थान पर पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत, प्रकृति और संस्कृति के समन्वय पर दिया गया विशेष जोर
वाराणसी। काशी उत्तर भाग में भारतीय नव वर्ष उत्सव अत्यंत हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता रही, जिससे पूरे क्षेत्र में उल्लास और सांस्कृतिक जागरूकता का वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र ग्राम्य विकास प्रमुख श्री चंद्रमोहन जी ने अपने उद्बोधन में भारतीय नव वर्ष के महत्व को विस्तार से स्पष्ट करते हुए कहा कि यह केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि प्रकृति में हो रहे नव जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वसंत ऋतु के आगमन के साथ वृक्षों में नव पल्लव, वातावरण में नवीनता और जीव-जगत में उत्साह का संचार होता है, जो भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिकता एवं प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध को दर्शाता है। उन्होंने सभी को भारतीय परंपराओं के अनुरूप नव वर्ष मनाने और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के पश्चात भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन का आयोजन किया गया, जिसमें 750 से अधिक स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में सहभागिता करते हुए कदमताल किया। यह संचलन क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा, जिसने जनमानस का विशेष ध्यान आकर्षित किया। पथ संचलन के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का भव्य एवं हृदयस्पर्शी स्वागत किया गया। इस दृश्य ने पूरे वातावरण को देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग संघचालक श्री गंगाधर, सह भाग संघचालक श्री हरिनारायण बिसेन, श्री जितेंद्र, श्री राजीव श्रीवास्तव, श्री मोहित, श्री यशवंत, श्री रनविजय श्री अनुराग, श्री संजय एवं श्री संदीप सहित अनेक गणमान्य कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी के सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
समग्र रूप से यह आयोजन भारतीय संस्कृति, संगठन शक्ति और सामाजिक समरसता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
