पैगाम-ए-मोहब्बत,सपा विधायक महाराजी प्रजापति की ‘इफ्तार दावत’ ने पेश की राष्ट्रीय एकता की अनूठी नजीर

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कठिन समय में भी जब हम एक दूसरे का हाथ थामते है तो मानवता की जीत होती, विधायिका

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापतिकी राजनीतिक विरासत का आधार केवल सत्ता नहीं बल्कि आम जनता की सेवा करना हमारी धार्मिक भावना, महाराजी प्रजापति

हजारों की संख्या में रोजेदारों ने कार्यक्रम किया शिरकत

अमेठी भारत की मिट्टी में रची-बसी ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ की एक जीवंत और गौरवशाली तस्वीर अमेठी के आंगन में साकार हुई। पवित्र रमजान के पावन अवसर पर अमेठी (186) की सपा विधायक महाराजी प्रजापति द्वारा आयोजित ‘दावत-ए-रोजा इफ्तार’ कार्यक्रम ने न केवल मजहब की दूरियों को पाटा, बल्कि समाज के हर तबके को एक सूत्र में पिरोकर यह साबित कर दिया कि अमेठी की रगों में आज भी प्रेम और सद्भाव का लहू बहता है। इस आयोजन की भव्यता इसके सजावट में नहीं, बल्कि वहाँ मौजूद लोगों के समरसतापूर्ण भाव में दिखी। इफ्तार के वक्त जब अजान की गूंज हुई, तो दस्तरख्वान पर एक ओर रोजेदार थे, तो दूसरी ओर उनके हिंदू भाई पूरी श्रद्धा के साथ उन्हें खजूर और पानी पेश कर रहे थे। यह दृश्य उन तमाम शक्तियों को करारा जवाब था जो समाज को बांटने की कोशिश करती हैं। यहाँ न कोई बड़ा था, न कोई छोटा—सब एक ही कतार में बैठकर मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ कर रहे थे। विधायक महाराजी प्रजापति ने अपनी इस पहल से यह स्पष्ट किया कि पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की राजनीतिक विरासत का आधार केवल सत्ता नहीं, बल्कि आम जनमानस की सेवा और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना है। इस इफ्तार दावत ने समाज को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए अलग-अलग मजहब होने के बावजूद एक-दूसरे के त्यौहारों को अपना मानना ही भारतीयता की पहचान है। एक महिला विधायक के रूप में महाराजी प्रजापति ने जिस संवेदनशीलता से इस आयोजन की कमान संभाली, उन्होंने महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों का नया अध्याय लिखा। आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी यह बताती है कि नई पीढ़ी नफरत के बजाय भाईचारे की राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। इफ्तार के बाद, जब मौलानाओं ने एक साथ बैठकर शांति की बात की, तो पूरा माहौल शांति से भर गया। विधायक महाराजी प्रजापति ने इस मौके पर भावुक होते हुए कहा, “अमेठी मेरा परिवार है और परिवार में हर सदस्य की खुशी में शामिल होना मेरा धर्म है। इफ्तार की यह दरी सिर्फ खाने-पीने की जगह नहीं है, यह दिलों को जोड़ने की जगह है।”
यह आयोजन सिर्फ अमेठी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।

समाज की असली ताकत उसकी विविधता में है।

कठिन समय में भी जब हम एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, तो मानवता की जीत होती है। इफ्तार दावत में विधायक प्रतिनिधि अनुराग प्रजापति, अरुण प्रजापति अशोक यादव पूर्व प्रधान मो जुबैर, नसीर खान उर्फ कल्लू हवा महल, मो इस्माइल,मो हारून, मो सत्तू गंगागंज,मो करीमुद्दीन,मो आरिफ़, मो अबरार, पिंटू खान, मो मोटू, मो इम्तियाज,मो अकरम, मो सकील मो दानिश आदि मुस्लिम भाई मौजूद रहे।

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